जेलर का अश्लील वीडयो वायरल!–जेल में बंद महिला कैदियों का होता है यौन शोषण

महिला का आरोप--संपूर्णानंद जेल के अधीक्षक ने उसे कार्यालय बुलाकर दुष्कर्म किया

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रुद्रपुर,9 अगस्त। सितारगंज जेल के जेलर के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई एसएसपी सदानंद दाते के निर्देश के बाद सितारगंज पुलिस ने की है। जानकारी के अनुसार सितारगंज निवासी एक महिला का आरोप था कि जेलर टीडी जोशी ने उसके साथ बलात्कार किया है। उसने जब मामले की शिकायत सितारगंज पुलिस से की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने न्याय की गुहार एसएसपी से लगायी। एसएसपी के आदेश पर सितारगंज पुलिस ने जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।इधर चरित्र पर हमला करने वाली महिला के खिलाफ जेल अधीक्षक ने चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि जेल की तीन एकड़ जमीन पर महिला कब्जा करना चाहती थी। विधिक कार्रवाई के बाद जेल जमीन कब्जे में ले ली गई। जिसकी वजह से ही महिला ने आरोप मढ़ दिए है। जो बेबुनियाद है। वहीं वायरल हो रहे वीडयो में पीड़ित महिला कैदी ने कई आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। उसने बताया कि जो महिला कैदी जेल में बंद होती हैं, उनके साथ अत्याचार किया जाता है| जेल में बंद महिला कैदियों के साथ यौन शोषण किया जाता है| महिलायों के साथ बदसलूकी होती है। आरोप लगाया कि जेल में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी ही महिला कैदियों को अपनी हवस का शिकार बनाते हैं| इस ममाले में सितारगंज जेल अधीक्षक का एक अश्लील वीडियो सामने आया है| इस पूरे प्रकरण में एक वीडियो वायरल हुआ है जो कि पीड़ित महिला का है| महिला ने बताया है कि ये वीडियो खुद जेल अधीक्षक ने बनाया है, क्योंकि वो उसे इस वीडियो के आधार पर ब्लेकमेल करता था। गौरतलब है कि नगर निवासी एक महिला कैदी ने खटीमा के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसके भाई के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर वर्ष 2003 में उसे भी हल्द्वानी जेल भेज दिया गया था। हल्द्वानी जेल में उस समय डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत और वर्तमान में संपूर्णानंद जेल के अधीक्षक ने उसे कार्यालय बुलाकर दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि कुछ दिन बाद वह जमानत पर रिहा हो गई। इसके बाद डिप्टी जेलर की संपूर्णानंद जेल में तैनाती हो गई। यहां वह राजस्व विभाग की जमीन पर खेतीबाड़ी करने साथ ही जेल में एक संस्था के माध्यम से कार्य कर रही थी। तब एक बार फिर उसकी मुलाकात जेल अधीक्षक से हुई। आरोप है कि अक्तूबर 2016 में जेल अधीक्षक ने फिर उसे अपने कार्यालय बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। जिसका विरोध कर वह घर चली आई। नवंबर 2016 में आरोपी जेल अधीक्षक अपने जेलर और एक अन्य कर्मचारी के साथ उसके घर आया और उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया| इसके बाद जेल अधीक्षक उसके साथ आए दिन दुष्कर्म करने लगा। 26 जनवरी 2017 की रात करीब साढ़े 8 बजे तीनों उसके घर आए और दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि जेलर और कर्मचारी ने मोबाइल से उसकी वीडियो भी बनाई और इसे इंटरनेट पर अपलोड कर बदनाम करने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। महिला का आरोप है कि तीन मई 2018 की रात को आरोपियों ने एक बार फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 18 जून 2018 को उसने एसएसपी, मुख्य सचिव, आईजी, डीआईजी, डीजीपी और महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने यिक मजिस्ट्रेट नाजिश कलीम की अदालत में न्याय के लिए गुहार लगाई। 28 जुलाई को अदालत ने सितारगंज थानाध्यक्ष को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। मामले में एसएसआई मदन मोहन जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कोतवाल संजय कुमार के मुताबिक फिलहाल कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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