कांग्रेसियों ने किया सीएम आवास कूच

मलिन बस्तीवासयों का मालकाना हक छीन रही भाजपा सरकार: प्रीतम

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देहरादून। राजधानी दून में कई वर्षों से काबिज मलिन बस्तियों के हजारों लोगों को मालिकाना हक देने की मांग व शहरों में चलाये जा रहे अनियोजित ध्वस्तीकरण अभियान के खिलाफ कांग्रेस मुखर हो गई है। भारी बारिश के बीच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह व नेता प्रतिपक्ष डा- इंदिरा हृद्येश पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं व मलिनबस्ती के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास कूच कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। इस बीच हाथीबड़कला में तैनात भारी पुलिस फोर्स ने उन्हे बलपूर्वक रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस फोर्स से टकराव भी हुआ जिसमें कई लोग चोटिल हो गये। पुलिस ने लाठी भांजकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। सुबह से कांग्रेस भवन में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सभी कार्यकर्ता चकराता रोड से जुलूस की शक्ल में निकले और नारेबाजी करते हुए सीएम आवास की ओर कूच कर दिया। इससे पूर्व कांग्रेस भवन में बैठक की गई। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। भाजपा मलिनबस्ती वासियों को मालिकाना हक देने की बजाय वोट बैंक बचाने के लिये तीन वर्ष की मोहलत दे रही है जो गरीब बस्तीवासियों के साथ धोका है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व कांगेस सरकार के बनाये नियमों और नीतियों को भाजपा सरकार ने खत्म कर दिया है जिससे हजारों गरीब परिवारों को मालिकाना हक नहीं मिलेगा। इस अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तीवासियों को मालिकाना हक दिलाने के लिये कार्ययोजना बनायी है जिस पर अब भाजपा सरकार सियासी रोटियां सेक रही है। नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा ने कहा कि सरकार ने फिर से अध्यादेश लाकर बस्तियों से अतिक्रमण हटाने पर तीन साल की रोक की बात की है लेकिन बस्तियों को मालिकाना हक देने के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की है जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। कांग्रेसजन प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेंगें। उनका कहना है कि जल्द ही मलिन बस्तियों को मालिकाना हक नहीं दिया गया तो कांग्रेस जेल भरो आंदोलन चलायेगी। पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि अध्यादेश को मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, नगरायुक्त, एमडीडीए उपाध्यक्ष को ज्ञापन देने के बाद रैली निकाले जाने के बाद सरकार दवाब में आई ओर यह अध्यादेश लाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार मलिन बस्तीवासियों के साथ गुमराह कर रही है। उनका कहना है कि मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने के लिए व्यापक स्तर पर संघर्ष किया जायेगा। राजकुमार ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में बनाये गये कानून में मलिन बस्तियों को मालिकाना हक देने का कार्य किया गया था और 2016 तक की जो बस्तियां जहां पर है उन्हें वर्ष 2000 के सर्किल रेट के अनुसार मालिकाना हक प्रदान किया जायेगा और इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा।  इस दौरान भारी संख्या में वहां पहुंचे कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जुलूस में दिनेश अग्रवाल हीरा सिंह बिष्ट, दीप बोहरा, गोदावरी थापली, लाल चंद्र शर्मा, सूर्यकांत धस्माना समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता व मलिन बस्ती के लोग शामिल हुए।

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