कांग्रेस उम्मीदवारों के ऐलान से सभी हैरान: हरिद्वार से विरेंद्र सिंह रावत और नैनीताल लोकसभा सीट पर प्रकाश जोशी को मैदान में उतारा

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देहरादून(दर्पण ब्यूरो)। आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बावजूद कांग्रेस में हरिद्वार और नैनीताल.ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र की हाॅट सीटों पर प्रत्याशियों का इंतजार चौंकाने वाले नामों के साथ खत्म हो गया। शनिवार देर रात कांग्रेस ने भाजपा के मंझे हुए वरिष्ठ प्रत्याशियों के मुकाबले युवा चेहरों के नाम घोषित कर दिए। हरिद्वार में हरीश रावत के बेटे विरेंद्र सिंह रावत तो नैनीताल सीट पर प्रकाश जोशी को प्रत्याशी घोषित किया गया है। लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की हरिद्वार सीट से प्रत्याशी घोषित होने पर वीरेंद्र रावत और नैनीताल लोकसभा सीट से प्राकश जोशी को प्रत्याशी घोषित करने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने शुभकामनायें दी है।नई दिल्ली में राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दोनों सीटों पर प्रत्याशियों को लेकर मंथन किया गया। दोनों सीटों पर संभावित दावेदारों के नामों पर लगातार मंथन चलता रहा। जिसके बाद पार्टी हाईकमान ने प्रत्याशी ने नाम फाइनल किए पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुकाबले में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे विरेंद्र रावत को प्रत्याशी घोषित किया है। विरेंद्र के राजनैतिक कॅरियर का यह पहला चुनाव है। नैनीताल.ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट पर केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट के मुकाबले में कांग्रेस ने युवा प्रकाश जोशी को मैदान में उतारा है। प्रकाश इससे पहले वर्ष 2012 और 2017 का विधानसभा चुनाव कालाढूंगी से हार चुके हैं। संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। कांग्रेस में हरिद्वार लोकसभा सीट पर पूर्व सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरीश रावत का नाम चर्चाओं में था जबकि नैनीताल सीट पर पूर्व सांसद महेंद्रपाल सिंह का नाम चर्चाओं में था। लेकिन कांग्रेस के इस कदम से सभी चौंक गए हैं। माना जा रहा है कि सर्वाधिक 20 लाख से ऊपर मतदाताओं वाली इन सीटों पर अब मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस के युवा चेहरों के बीच होने जा रहा है। बहरहाल अब उत्तराखंड की सियासी जीमन पर लगातार तीसरे चुनाव में जीत का डंका बजाने के लिए भाजपा पूरी तरह से बेताब दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी अब पांचों सीटों पर अपने चौंकाने वाले चेहरों पर पहली बार नया दांव खोल दिया है। ऐसे में अब मुकाबला और अधिक रोचक होने के आसार हैं।
भाजपा को मिल सकता है वाकओवर,मुकाबला और अधिक रोचक होने के आसार !
हरदा ने शनिवार को ही सोशल मीडिया पर अपने हरिद्वार पहुंचने के संकेत दिये थे हांलाकि अब भी उनके समर्थकों में उनके चुनावी रण छोड़ने को लेकर बेचेैनी भी बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि हरीश रावत भले ही अपने पुत्र को चुनावी रण मे उतार चुके हैं और पिता पुत्रा की जोड़ी हरिद्वार की लोकसभा सीट पर नया कीतर्तिमान रचने के लिए कोई कोर कसर भी नहीं छोड़ने वाले हैं। टिकट का ऐलान होने से एक दिन पहले से हरदा खुद सियासी मैदान में उतरकर अपने इरादे भी जता दिये हैं। उत्तराखंड में भाजपा से मुकाबले में पिछड़ रही कांग्रेस को उम्मीदवारों का ऐलान करने में लंबा वक्त लग गया जिससे चुनाव प्रचार में भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। राजनीतिक विष्लेशकों की माने तो पांचों सीटों पर एंटीइनकमबैक्सी को भुनाने में और मुकाबले में कांग्रेस ने सत्तासीन भाजपा को वाॅकओवर दे दिया है।  कांग्रेस ने उत्तराखंड की पांच सीटों में से तीन पर प्रत्याशियों की घोषणा पहले कर दी थी। दो बार के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे गणेश गोदियाल पर कांग्रेस ने गढ़वाल सीट पर दांव लगाया है।जबकि मसूरी विधानसभा सीट से 2002 व 2007 में विधायक चुने गए जोत सिंह गुनसोला को पार्टी ने टिकट दिया।उनके सामने इस सीट पर राजशाही का तिलिस्म तोड़ने की चुनौती है। आरक्षित अल्मोड़ा सीट पर इस बार भी प्रदीप टम्टा पर दांव लगाया है। 2009 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर टम्टा सांसद चुने गए थे। जबकि 2014 और 2019 के चुनाव में उन्हें हार मिली।

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र रावत पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत के बड़े बेटे
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने हरिद्वार सीट से उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने हरिद्वार लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत को मैदान में उतारा है। वीरेंद्र रावत को टिकट दिलाने में पिता की भूमिका अहम रही। पिता हरीश रावत अपने बेटे के लिए टिकट की पैरवी कर रहे थे। वीरेंद्र रावत पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत के बड़े बेटे हैं। वीरेंद्र रावत का जन्म 15 मार्च 1975 में हुआ। उनकी शिक्षा एमकॉम राजनीति दयाल सिंह कॉलेज से पूरी हुई। कॉलेज के दिनों से ही उनके राजनीतिक सफर की शुरूआत हुई। साल 1996-97 नई दिल्ली छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके साथ ही वो यूथ कांगेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में वीरेंद्र रावत कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। वीरेंद्र रावत यूथ कांग्रेस से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। वीरेंद्र रावत के इस बार के लोकसभा चुनावों में पहली बार चुनाव लड़ेंगे।
नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी राहुल गांधी के करीबी
कई दिनों तक चली माथापच्ची के बाद कांग्रेस ने नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र से प्रकाश जोशी को अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे वीरेंद्र रावत को टिकट दिया है।  नैनीताल सीट से प्रत्याशी प्रकाश जोशी, राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।  जिन पर कांग्रेस ने इस बार भरोसा जताया है. कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी का मुकाबला बीजेपी के अजय भट्ट के साथ होगा बता दें कि कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हल्द्वानी निवासी कांग्रेस ने युवा नेता प्रकाश जोशी राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं उन्हें बतौर राहुल गांधी की टीम का सदस्य देखा जाता है. प्रकाश जोशी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में कई पदों पर रह चुके हैं, लेकिन साल 2019 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव पद से हटा दिया था, तब से प्रकाश जोशी कांग्रेस में किसी भी पद पर नहीं थे। प्रकाश जोशी दो बार नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़कर हार चुके हैं। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से साल 2012 और 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके प्रकाश जोशी को दोनों ही बार बीजेपी के बंशीधर भगत के हाथों से मात खानी पड़ी थी. इसके साथ पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं से मतभेद के चलते प्रकाश जोशी लंबे समय तक चर्चा में रहे थे। प्रकाश जोशी का केंद्रीय कांग्रेस कमेटी में अच्छी पकड़ बताई जाती है ।प्रकाश जोशी पहाड़ के युवाओं के समर्थन में सरकार को कई बार अपने बयानों से घेरने का काम किया है लेकिन सोशल मीडिया पर पार्टी के लिए काम करते आ रहे थे। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ने प्रकाश जोशी पर विश्वास जताया है ।

 

 

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