पीएम मोदी ने किया लोकसभा चुनाव का शंखनाद: हम राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति करने आए हैं : 500 वर्षों के इंतजार के बाद किया राम मंदिर का निर्माण

0

भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर प्रस्ताव पारित किया गया
नई दिल्ली। भाजपा की दिल्ली में चल रही राष्ट्रीय अधिवेशन की बैठक का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव का शंखनाद करते हुए आगामी चुनाव में भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अगले 100 दिन के लिए प्रचान प्रसार में जुटने का आह्वान किया। अधिवेशन में पीएम मोदी ने कहा, ‘अगले 100 दिन में हमें जुट जाना है। सभी वोटरों तक पहुंचना है। हर वर्ग, हर परंपरा तक पहुंचना है। भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ‘कई लोग हमसे बोलते हैं कि बहुत काम हो गया, अब थोड़ा आराम कीजिए, लेकिन हमारा उन्हें कहना है कि हम राजनीति करने नहीं राष्ट्रनीति करने आए हैं। हमारे विपक्ष के दल भले ही योजनाओं को पूरा करना न जानते हों, लेकिन झूठे वादे करने में इनका कोई जवाब नहीं है। आज एक वायदा करने से ये सारे राजनीतिक दल घबराते हैं। वो वादा है- विकसित भारत का, और ये हमारा वादा है। सिर्फ और सिर्फ भाजपा और एनडीए गठबंधन ने ही इसका सपना देखा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा ‘भारत ने आज हर क्षेत्र में जो ऊंचाई हासिल की है, उसने हर देशवासी को एक बड़े संकल्प के साथ जोड़ दिया है। ये संकल्प है विकसित भारत का। अब देश न छोटे सपनें देख सकता है और न ही छोटे संकल्प ले सकता। हमारे सपनें भी विराट होंगे और संकल्प भी विराट होंगे। ये हमारा सपना भी है और संकल्प भी है कि हमे भारत को विकसित बनाना है।’ ‘कोई भी देश हो वो अपना भविष्य तभी संवार सकता है, जब वो अपने इतिहास को सहजकर रखता है। बीते वर्षों में भारत ने अपने इतिहास को संवारा भी है और सहेजा है। हमने दांडी में नमक सत्याग्रह के आधुनिक स्मारक का निर्माण किया है। बाबा आंबेडकर के पंच तीर्थों को विकसित किया। सरदार पटेल का स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी हमारी सरकार ने बनाया। 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका दिवस के रूप में मनाया। 26 दिसंबर को संविधान दिवस घोषित करने का फैसला भी हमारी सरकार में हुआ।’ मिशन शक्ति से देश में महिला सशक्तिकरण का वातावरण तैयार होगा। पीएम विश्वकर्मा योजना से परंपरागत कला से जुड़ी बहनें सशक्त होंगी। गांव के पास ही बेहतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनेंगे तो बेटियां खेलों में कमाल करेंगी। बीते 10 वर्ष साहसिक फैसलों और दूरगामी निर्णयों के साल हैं। सदियों से लटके काम पूरे किए गए हैं। 500 वर्षों के इंतजार के बाद राम मंदिर का निर्माण किया। सात दशक के इंतजार के बाद देश को आर्टिकल 370 से मुक्ति मिली। चार दशक बाद वन रैंक वन पेंशन की सौगात मिली है। तीन दशक बाद लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण मिला है। दशकों से नए संसद भवन की जरूरत थी उसे हमने ही पूरा किया।
अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भरोसा देते हुए कहा कि ‘भाजपा में बूथ का काम करने वाला एक व्यक्ति देश का राष्ट्रपति भी बन सकता है और प्रधानमंत्री भी बन सकता है। ये सहूलियत केवल भाजपा में ही उपलब्ध है, क्योंकि हमने पार्टी को लोकतांत्रिक बनाकर रखा है।’ शाह ने कहा ‘मैं कांग्रेस को चेतावनी देता हूं कि आप रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकराकर केवल इस ऐतिहासिक पल का हिस्सेदार बनने से नहीं कतराएं बल्कि अपने देश को महान बनाने की प्रक्रिया से खुद को दूर कर लिया है। देश की जनता देख रही है और इसे याद भी रखेगी।’ भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अपने संबोधन के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को पूरे देश में त्योहार की तरह मनाया गया, एक नए युग की शुरुआत है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भाजपा का संकल्प था। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन किया गया, जिसके बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और सिर्फ चार वर्षों में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर में की गई। भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण से देश में अगले हजार वर्षों के लिए राम राज्य की स्थापना का संकेत है। प्रस्ताव में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा गया है। प्रस्ताव के अनुसार, महात्मा गांधी के दिल में भी राम राज्य था, जो कहते थे कि आदर्श लोकतंत्र का मतलब ही रामराज्य है।
हमारा संविधान रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित
प्रस्ताव में कहा गया है, ‘अयोध्या की प्राचीन पवित्र नगरी में श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण देश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि है। यह अधिवेशन प्रधानमंत्री के नेतृत्व को दिल से बधाई देता है।’ प्रस्ताव में कहा गया कि ‘भगवान श्रीराम, सीता और रामायण भारतीय सभ्यता व संस्कृति के हर पहलू में विद्यमान हैं। इसमें कहा गया, ‘हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के लिए न्याय के लिए समर्पित हमारा संविधान रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित है।’ प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि ‘भारत के संविधान की मूल प्रति में भी मौलिक अधिकारों के खंड पर जीत के बाद अयोध्या लौटने पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि भगवान श्रीराम मौलिक अधिकारों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।’ प्रस्ताव में कहा गया है कि ‘रामराज्य का विचार महात्मा गांधी के हृदय में भी था जो कहा करते थे कि यही सच्चे लोकतंत्र का विचार है।’


 

Leave A Reply

Your email address will not be published.